नेपालसे एक चिट्ठा

Sunday, October 05, 2008

फिर से सक्रिय होने कि आकांक्षा

बहुत हो गया हिन्दी मेँ ब्लग नहीँ कर सका। कहने मेँ थोडा शर्म तो आना चाहिए लेकिन सच बताउँ तो मेरा पासवर्ड ही खो गया था :(
आज जैसेतैसे अपना पासवर्ड वापस मिल गया। सो फिर से हिन्दी ब्लग जगत् मेँ सक्रिय होने कि आकांक्षा है। मैनेँ पहले कि कहा था- हिन्दी मेँ मैनेँ कोइ औपचारिक शिक्षा नहीँ लि है। सो मुझे सुधारने के लिए आप लोगका साथ आवश्यक है।
आज के लिए इतना ही।

2 Comments:

At 2:12 PM, Blogger गजेन्द्र बिष्ट said...

"फिर से सक्रिय होने कि आकांक्षा" !! अच्छी बात है. आप का ब्लॉग कुछ पढ़ा, नेपाल के बारे में काफी जानकारिया हैं अच्छा लगा, लिखते रहिएगा.

 
At 12:20 AM, Anonymous Anonymous said...

wow salokya dai
didnot know you had a hindi blog too??
its strange

 

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