नेपालसे एक चिट्ठा

Saturday, May 21, 2005

भारतीयोंका अंग्रेजी मोह !

उच्च शिक्षा के लिए कई नेपाली छात्र भारत जाया करते हैं । लेकिन आज नेपाली दैनिक कान्तिपुर में उससे ठीक विपरीत नेपाली विद्यालयों में भारतीय छात्रोंका चाप के सम्बन्ध में एक समाचार छपा है ।
समाचार के मुताबिक भारतका महाराजगञ्ज जिलाके विभिन्न गावंसे गुणस्तरीय व निःशुल्क शिक्षाके लिए नेपाल आनेका प्रचलन बढा है । सीमा क्षेत्र भुजवहामें अवस्थित एक विद्यालय जनता माध्यमिक विद्यालय में इस वर्ष अकेले ही ५० से अधिक भारतीय छात्र भर्ती हुए है ।
७ वर्षका पुत्र सकुनको नेपाली विद्यालय में भर्ती करने के लिए आए लक्ष्मीपुरके ऋषिकेश श्रीवास्तव नें पत्रिकासे कहा है, यहाँ के भारतीय नागरिक अपने सन्तानोंको जहाँ तक संभव हो नेपाले में ही पढाना चाहते हैं । भारतीय गावं के विद्यालयों में कक्षा ६ से अंग्रेजी सिखाया जाता है जबकि नेपालके सरकारी विद्यालयों मे १ कक्षा से ही अंग्रेजी पढाया जाता है । हम लोग अपने सन्तानों को अंग्रेजी पढाना चाहते हैं । इसलिए यहाँ आए हैं ।
श्रीवास्तव ने अपने दो पुत्रोंको यहीं के स्कूल से प्राइमरी उत्तीर्ण करवाया था । जनता मावि के प्रधानाध्यापक रामकमल सहनी के अनुसार भारत घर बताने से भर्ती न हो पाने की खतराको देखते हुए वे लोग नेपाली परिचितोंकी सहायता इसमे लेते है ।

2 Comments:

At 7:57 AM, Blogger Raman Kaul said...

बहुत रोचक समाचार है। नेपाली और हिन्दी पढ़ाने की नेपाल के प्राथमिक विद्यालयों में क्या स्थिति है?

 
At 12:29 PM, Anonymous Anonymous said...

Thanks Raman jee,
Nepali primary schools mein Hindi sikhaya nahin jata. Jahir hai Nepal mein Nepali to sikhaya jayega hi.
Salokya

 

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