नेपालसे एक चिट्ठा

Friday, May 20, 2005

धन्यवाद आप सभी को

मेरा चिट्ठा देखकर उसमे अपनी प्रतिक्रिया लिखने के लिए सभीको आभार । व्याकरण कि टिप्स के लिए ईस्वामी जीको धन्यवाद । आपसे इसी तरह की टिप्स की उम्मिद मैं लगातार करता रहुँगा । यहाँ मैं बता दुँ कि हिन्दी मे मैनें कभी अ‍ौपचारिक शिक्षा नहीं ली है । उसी कारण गल्ती तो होगी ही । गल्ती सुधारने की मकसद से ही मैंने ब्लग लिखना सुरु किया है ।

1 Comments:

At 9:49 AM, Blogger रेलगाड़ी said...

आपकी हिन्दी वैसे बहुत अच्ची है। कहाँ सीखी आपने? मैं नेपाली कहाँ सीख सकता हूँ (वेब्साइट)

 

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