मैं आया…..आपके लिए
हिन्दी में बहुत सारे चिट्ठे देख लिए । सो सोचा क्युँ न मैं भी ट्राइ मार लुँ । वैसे माफ करेँ, हिन्दी मुझे उतनी आती नहीँ । मैं काठमाण्डु नेपाल से हुँ । नेपाल के लोग थोडे बहुत हिन्दी जान लेते हैं । मैं भी उन्हीं में से हुँ । सो व्याकरण कि कोइ गल्ती हो जाए तो मुझे सुधारिएगा ।
हिन्दी कि पहुँच बडा है । इसलिए मैं हिन्दी में भी ब्लग कर रहा हुँ । वैसे मैं नेपाली में नियमित रुप से ब्लग कर रहा हुँ । अंग्रेजी में भी ब्लग कर रहा हुँ पर नियमित नहीं हो पा रहा । एक अौर भाषा नेपालभाषा जिसे नेवारी भाषा भी कहा जाता है, उसमें भी ब्लग करने कि सोच रहा हुँ । हिन्दी चिट्ठा मूलतः नेपाल के विषय में ही होगा । एक नेपालीकी नजरिया से विश्वको देखने के लिए मेरा चिट्ठा उपयोगी होगा ।
उद्घाटन भाषण तो कर दिया लेकिन पता नहीं पाठक है कि नहीं । इससे भी महत्त्व कि बात तो नियमितता कि होगी । महिने में दो चार चिट्ठे तो कर ही लुँगा, यही सोचा है । देखेँ आप लोगों से कितनी सहायता मिलेगी मुझे । मुझे हिन्दी सिखना है, आप सिखाअोगे ना ?

4 Comments:
जितनी साफ हिंदी यहां लिखी आपने वह काफी है. आशा है आप नियमित लिखेंगे हिंदी में.शुरुआत करने के लिये बधाई.
आपका हिन्दी ब्लागजगत मे स्वागत है. किसी भी प्रकार की समस्या के लिये हमे जरूर लिखें. और हाँ आपके ब्लाग का टैम्पलेट बहुत अच्छा दिख रहा है.उसके लिये बहुत बहुत बधाई
मुझे तो आपके ब्लाँग की सुन्दर तस्वीरें बहुत पसंद आयी.
अगर आप नेपाल की कुछ और सुन्दर तस्वीरें पोस्ट करें, तो हम भारतीयों को नेपाल फ्री में घुमने को मिल जायेगा.
वैसे मैं नेपाल एक बार जा चुका हूँ, और बेशक , नेपाल सुन्दर है :D
वैसे आपकी हिन्दी काफी अच्छी है. मैं नेपाल गया तब मुझे पता चला की नेपाली काफी कुछ हिन्दी जैसी ही है, और मुझे नेपाली समझने में ज्यादा परेशानी नही होती थी.
मजा आ गया आपका ब्लॉग देखकर । मैं चाहता हूं कि आप हमारी पत्रिका में हर माह एक चिट्ठी लिखें - नेपाल की चिट्टी - । इसमें नेपाल में हिंदी या हिंदी संस्कृति या हिंदी से जुड़ी गतिविधियो का लेखा जोखा हो । www.srijangatha.com
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